कौन कहता हे ज़िन्दगी एक हसीं पहेली हैं,
मुझे तो लगा यह उदासी कि एक सहेली हैं
कभी उलझती, कभी सुलझती,
नीत नए नए रंग बदलती
कभी हसाती, कभी रुलाती,
कभी नए नए अरमान जगाती।।
कभी खुली आँखों से ख्वाब दिखाती,
तो कभी बंद आँखों से नीर बहाती
कभी अपनों से मिलाती तो कभी अपनों से ही दूर कराती,
पल पल यह करवट बदलती,
सच हैं ज़िन्दगी तो एक अज़ीब पहेली हैं..
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